यह तुलना क्यों काम करती है
पोकर की तरह रीडेवलपमेंट भी दिखाई देने वाले तथ्यों और छिपे हुए कारकों से आकार लेता है। एक ही टेबल पर अलग प्रेरणाएं, अलग जानकारी और अलग जोखिम क्षमता वाले लोग बैठते हैं।
इससे प्रक्रिया मनमानी नहीं होती। इससे तैयारी, अनुशासन और स्थिति पढ़ने की क्षमता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
नाटक से ज्यादा कौशल मायने रखता है
सोसायटियां अक्सर ताजा वादे, व्यक्तित्व या दबाव रणनीति पर भावनात्मक प्रतिक्रिया देकर जमीन खो देती हैं। बेहतर परिणाम धैर्य, जानकारी की शिस्त और बदलती हुई चौखट के बजाय स्थिर चौखट में विकल्पों की तुलना करने से आते हैं।
- बातचीत शुरू होने से पहले अपना आधार जानें
- आत्मविश्वास को विश्वसनीयता न समझें
- हर ऑफर को सिर्फ हेडलाइन नंबर नहीं, निर्णय सेट की तरह देखें
सोसायटी के लिए जीतने वाला हाथ
रीडेवलपमेंट में जीतने वाला हाथ अक्सर कोई नाटकीय पल नहीं होता। वह अच्छे निर्णयों की श्रृंखला है: स्वतंत्र डेटा, संरचित टेंडरिंग, संतुलित बातचीत और साइनिंग के बाद भी टिकने वाली कानूनी सुरक्षा।
समय में किस्मत की भूमिका हो सकती है। परिणाम पर रणनीति असर डालती है।
